राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता व लाभ

 

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021: ऑनलाइन आवेदन, पात्रता व लाभ



सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। जिससे कि उन्हें खेती करने में किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। राजस्थान सरकार द्वारा भी ऐसी कई योजनाएं संचालित की जाती हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक योजना से संबंधित जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं जिसका नाम राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को खेती की गतिविधियों के दौरान कोई हादसा होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस लेख को पढ़कर आपको इस योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। जैसे कि राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना क्या है?, इसका उद्देश्य, विशेषताएं, पात्रता, महत्वपूर्ण दस्तावेज, लाभ, आवेदन प्रक्रिया आदि। तो दोस्तों यदि आप Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप से निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021

राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का आरंभ किया गया है। इस योजना की घोषणा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा 24 फरवरी 2021 को वित्तीय वर्ष 2021–22 का बजट की घोषणा करते हुए की गई है। इस योजना के अंतर्गत यदि कृषक गतिविधियों के दौरान किसानों की मृत्यु हो जाती है या फिर उनको किसी आंशिक या स्थायी विकलांगता का सामना करना पड़ता है तो उन्हें इस स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह आर्थिक सहायता ₹5000 से लेकर ₹200000 तक की होगी।

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 ऑनलाइन आवेदन

यदि आप भी Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021 का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह आवेदन करने के लिए आपको किसी भी सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आप घर बैठे आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस से समय और पैसे दोनों की बचत होगी तथा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। इस योजना का बजट सरकार द्वारा 2000 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है।


मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 कालानुक्रमिक क्रम में लाभार्थी

पति या फिर पत्नी: यदि लाभार्थी की मृत्यु हो गई है या फिर लाभार्थी विकलांग हो गया है तो लाभार्थी के पति या फिर पत्नी को लाभ की राशि प्रदान की जाएगी।

बच्चे: लाभार्थी के बच्चों को लाभ की राशि प्रदान की जाएगी यदि लाभार्थी की पति या पत्नी अनुपस्थित है।

माता पिता: लाभार्थी के माता-पिता को लाभ की राशि प्रदान की जाएगी यदि लाभार्थी के बच्चे एवं पति पत्नी अनुपस्थित हैं।
पौत्र तथा पौत्री: यदि लाभार्थी के पति या पत्नी, बच्चे या माता-पिता नहीं है तो उस स्थिति में लाभ की राशि लाभार्थी के पौत्र तथा पौत्री को प्रदान की जाएगी।

बहन: यदि लाभार्थी की कोई अविवाहित/विधवा/आश्रित बहन लाभार्थी के साथ रहती है तो इस स्थिति में लाभ की राशि लाभार्थी के कोई अन्य रिश्तेदार ना होने पर बहन को प्रदान की जाएगी।
वारिस: यदि लाभार्थी कि पति या फिर पत्नी, बच्चे, माता पिता, पुत्र या पुत्री एवं बहन नहीं है तो इस स्थिति में यदि लाभार्थी का कोई वारिस, वारिस अधिनियम के अंतर्गत है तो लाभ की राशि उसे प्रदान की जाएगी। 

Note: आकस्मिक मृत्यु या स्थायी विकलांगता के मामले में पंजीकृत किसान का बालक या बालिका या फिर पति या पत्नी राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के लाभार्थी होंगे। इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी की आयु 5 से 70 वर्ष होनी चाहिए।

Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana के अंतर्गत यदि कृषि गतिविधियों के अंतर्गत किसान की मृत्यु हो जाती है या फिर आंशिक या स्थायी विकलांगता आ जाती है तो इस स्थिति में सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यदि लाभार्थी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो आवेदक आक्समिक किसान का उत्तराधिकारी होगा और यदि किसान विकलांग हो जाता है तो आवेदक स्वयं विकलांग व्यक्ति होगा। राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को आवेदन पत्र सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ संबंधित विभाग में जमा करना होगा। दुर्घटना होने के 6 महीने बाद आने वाले व्यक्तियों के आवेदनों को इस योजना के अंतर्गत लाभ नहीं प्रदान किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि हादसे के 6 महीने के अंदर अंदर की लाभार्थी को इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा।

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 का उद्देश्य

Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021 का मुख्य उद्देश्य कृषक गतिविधियों के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से यदि किसान कृषि गतिविधियों के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना का सामना करते हैं तो उन्हें सरकार द्वारा ₹5000 से लेकर ₹200000 तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिससे कि वह अपना इलाज करवा पाएंगे। राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के माध्यम से राजस्थान के किसान आत्मनिर्भर बनेंगे तथा दुर्घटना के कारण होने वाली आर्थिक तंगी से भी लड़ने में उन्हें मदद मिलेगी।

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 की जरूरत

अब राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह आर्थिक सहायता कृषि गतिविधि के दौरान हादसा होने पर प्रदान की जाएगी। इस आर्थिक सहायता से हादसे की वजह से होने वाली आर्थिक तंगी का सामना करने में मदद मिलेगी। इस योजना के माध्यम से प्राप्त हुई आर्थिक सहायता से किसान अपना इलाज भी करवा पाएंगे। यदि किसान की मृत्यु हो जाती है तो मृत के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिससे कि वह अपना खर्च कर सकें। इस योजना के माध्यम से किसान तथा किसानों के परिवार आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनेंगे। राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र का भी विकास होगा। यदि इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसान की मृत्यु हो जाती है तो लाभ की राशि उसके परिवार को प्रदान की जाएगी और यदि किसान विकलांग हो जाता है तो लाभ की राशि पंजीकृत किसान को प्रदान की जाएगी।

Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021 के लाभ तथा विशेषताएं

राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का आरंभ किया गया है।
इस योजना को आरंभ करने की घोषणा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के द्वारा 24 फरवरी 2021 को की गई है।
इस योजना के माध्यम से यदि किसान गतिविधियों के दौरान किसानों की मृत्यु हो जाती है या फिर उनको किसी प्रकार की विकलांगता का सामना करना पड़ता है तो उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
यह आर्थिक सहायता ₹5000 से लेकर ₹200000 तक की है।
यदि लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है तो आवेदक किसान का उत्तरअधिकारी होगा और यदि किसान विकलांग हो जाता है तो आवेदक स्वयं विकलांग किसान होगा।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को आवेदन पत्र भरकर संबंधित विभाग में जमा करना होगा।
यह आवेदन पत्र दुर्घटना के 6 महीने के भीतर ही किसान को जमा करना होगा।
यदि किसान दुर्घटना होने के 6 महीने के बाद आवेदन पत्र जमा करता है तो इस स्थिति में उसे इस योजना का लाभ नहीं प्रदान किया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से प्राप्त हुई राशि से किसान अपना इलाज करवा सकता है।
Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021 के माध्यम से दुर्घटना के कारण होने वाले आर्थिक तंगी से भी लड़ने में किसान को मदद प्राप्त होगी।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान की आयु 5 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
किसान की मृत्यु या विकलांगता दुर्घटना से होनी चाहिए तभी किसान को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
आत्महत्या या फिर प्राकृतिक मौत को इस योजना के अंतर्गत शामिल नहीं किया गया है।
आप इस योजना के अंतर्गत ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं।
जल्द सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया सक्रिय की जाएगी।
इस योजना का बजट सरकार द्वारा 2000 करोड़ों पर निर्धारित

Rajasthan Mukhyamantri Krishak Sathi Yojana 2021 महत्वपूर्ण दस्तावेज

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 के अंतर्गत आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता है।

निर्धारित प्रपत्र में आवेदन
एफ आई आर एवं सपोर्ट पंचनामा पुलिस पूछताछ रिपोर्ट
मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मृत्यु प्रमाण पत्र
आयु का प्रमाण

सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की केस स्वीकृति रिपोर्ट
स्थयी विकलांगता के मामले में मेडिकल बोर्ड/सिविल सर्जन का विकलांगता प्रमाण पत्र और विकलांगता की तस्वीर
क्षतिपूर्ति बॉन्ड
हेयर डिटेल रिपोर्ट
बीमा निर्देशक द्वारा पूछे गए अन्य प्रमाण

राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

यदि आप राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2021 के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित प्रक्रिया को फॉलो करना होगा।

सर्वप्रथम आपको अपने जिले के कृषि विभाग में जाना होगा।

इसके पश्चात आपको वहां से राजस्थान मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का आवेदन पत्र लेना होगा।

अब आप को आवेदन पत्र में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे कि आपका नाम, मोबाइल नंबर, एड्रेस आदि ध्यानपूर्वक दर्ज करना होगा।

इसके पश्चात आपको आवेदन पत्र से सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज अटैच करने होंगे।

अब आपको यह आवेदन पत्र कृषि विभाग में जमा करना होगा।

इसके पश्चात आपके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

सत्यापन के बाद लाभ की राशि किसान के खाते में पहुंचा दी जाएगी।





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